एचडीएफसी बैंक के तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे: मुनाफे में शानदार वृद्धि
एचडीएफसी बैंक ने 31 दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। बैंक के निदेशक मंडल ने इन परिणामों को मंजूरी दी, जिन्हें स्वतंत्र ऑडिटरों द्वारा 'लिमिटेड रिव्यू' किया गया है।
तिमाही के मुख्य वित्तीय बिंदु:
शुद्ध राजस्व में वृद्धि:
बैंक का समेकित शुद्ध राजस्व ₹ 652.8 अरब रहा, जबकि शुद्ध लाभ ₹ 176.6 अरब दर्ज किया गया। शुद्ध लाभ में पिछले वर्ष की तुलना में 13.1% की वृद्धि हुई है।शुद्ध ब्याज आय (NII):
एचडीएफसी बैंक की शुद्ध ब्याज आय 7.7% बढ़कर ₹ 306.5 अरब हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹ 284.7 अरब थी। बैंक की कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल संपत्तियों पर 3.43% और ब्याज अर्जित संपत्तियों पर 3.62% रही।अन्य आय:
बैंक की गैर-ब्याज आय ₹ 114.5 अरब रही, जिसमें मुख्य रूप से फीस और कमीशन से ₹ 81.8 अरब, विदेशी मुद्रा और डेरिवेटिव से ₹ 14.0 अरब, और विभिन्न अन्य स्रोतों से ₹ 17.9 अरब की आय शामिल है।ऑपरेटिंग खर्च:
इस तिमाही के दौरान बैंक के कुल ऑपरेटिंग खर्च ₹ 171.1 अरब रहे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.2% अधिक है। इस दौरान बैंक का लागत-से-आय अनुपात 40.6% रहा।शुद्ध लाभ (PAT):
इस तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ ₹ 167.4 अरब रहा। समायोजित शुद्ध लाभ में 13.6% की वृद्धि दर्ज की गई।बैलेंस शीट:
बैंक की कुल बैलेंस शीट का आकार ₹ 37,590 अरब तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.6% अधिक है।जमा और ऋण:
बैंक की कुल जमा राशि ₹ 25,638 अरब रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.8% अधिक है। चालू और बचत खाता (CASA) जमा ₹ 8,176 अरब रही, जो कुल जमा का 34% है। बैंक के ऋण 6.1% बढ़कर ₹ 26,276 अरब हो गए हैं।पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR):
बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 20.0% रहा, जो नियामक आवश्यकता 11.7% से काफी अधिक है।
एसेट क्वालिटी और एनपीए:
बैंक के सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (Gross NPA) कुल अग्रिमों का 1.42% रही, जबकि शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (Net NPA) 0.46% दर्ज की गई।
शाखा नेटवर्क और विस्तार:
एचडीएफसी बैंक ने दिसंबर 2024 तक अपनी शाखाओं की संख्या 9,143 तक बढ़ा ली है, जबकि एटीएम की संख्या 21,049 हो गई है।
निष्कर्ष:
एचडीएफसी बैंक ने अपनी वित्तीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। मजबूत जमा वृद्धि, संतुलित ऋण विस्तार और नियंत्रित एनपीए अनुपात के साथ, बैंक की भविष्य की विकास योजनाएँ स्थिर दिख रही हैं।
बैंक की मजबूत पूंजी स्थिति और सतत लाभप्रदता इसे भारत के सबसे भरोसेमंद बैंकों में से एक बनाए रखती है।
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