हरियाणा की एक छोटे से गांव में रहने वाली सोनल चौहान ने लंदन पहुंचते ही खुद को एक अनोखी चुनौती दी. उन्होंने तय किया कि वो मात्र 100 दिनों में 10 लाख रुपये कमाकर दिखाएंगी.
अब ये चुनौती को पूरा कर ने के लिए उनको एक सही नौकरी की तलाश थी. पर यहाँ पे लंदन में ऐसी नौकरी मिलना इस वक्त बहुत मुश्किल है. कहते है की नौकरी में जो उप्पर से आर्डर आये ऐसे काम करना पड़ता है पर ये लड़की हरियाणा की थी किसी के नीचे किसीके ऑर्डर पे ऐसे काम नहीं करेगी.
तब जाके उसने तय किया की वो फ़ूड डिलीवरी का काम करेगी. पर किसी दूसरे देश में फ़ूड डिलीवरी करना इतना आसान नहीं है। यहाँ के लोग, यहाँ के रस्ते, यहाँ के ट्रैफिक रूल्स सब अलग होता हे. उन्होंने बहुत जल्द ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा दिया ताकि वो ये काम शुरू कर शके.और उन्होंने ये काम चालू कर दिया.
सोनल चौहान , जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, ने अपनी जमीन पर लोन लिया है। अगर अप्रैल 2025 तक यह लोन नहीं चुकाया गया, तो उनकी जमीन बिकने का खतरा है। यही वजह है कि सोनल चौहान ने १०० दिनों में १० लाख कमाने की चुनौती स्वीकार की है। अपने पिता का सपना और अपनी जमीन बचाने के लिए वह पूरी मेहनत और लगन से जुटी हुई हैं।
काम शुरू करने के बाद पता चला की कितनी तकलीफ होती है फ़ूड डेलिवेरी करना वो भी लंदन जैसे शहर में. यहाँ का मौसम का कोई ठिकाना नहीं है. सुबह धुप तो दोपर को बारिश और शाम को ठंड। ३-४ लेयर में कपडे पहन कर यहाँ पे डेलिवेरी के लिए वो निकलती है. यहाँ के रोड सीधे नहीं है बहुत जगह पे ढलान होती है.
यहाँ पे फुड डिलीवरी में सिर्फ होटल से खाना आर्डर नहीं होता है यहा पे ग्रोसरी स्टोर्स की भी आर्डर आते है जहा पे छोटी से छोटी चीज और बड़ी चीज का भी आर्डर होता है
चुनौती या का सामना
डिलीवरी करना कोई चुनौती से कोई कम नहीं है. कस्टमर को टाइम से आर्डर डिलीवर करना। कभी कभी आर्डर में पानी की बोतल का पूरा सेट आर्डर होता है जिसमे १.५ लीटर की १२ बोतल होती है अगर ऐसा कोई आर्डर अगर आप बाइक पे ले के जा रहे हो तो बहुत संभल के बाइक चलानी पड़ती हे बाइक का बैलेंस रखना मुश्किल हो जाता है. जब बर्फ गिरती है तब तो आप को बाइक एक दम धीरे से ही चलनी पड़ती है क्युकी अगर थोड़ी भी तेज हुई तो स्लिप हो ने का चांस बढ़ जाता है. पुरे दिन बहार रहना पड़ता है और खाना पीना सब बहार ही करना पड़ता है.
उनका सपना
सोनल का सपना है को वो अपनी माता की लिए एक अच्छा सा घर बना के दे इंडिया में वो भी बिना कर्ज का.
उनका सुझाव
अगर आप के पास कोई अच्छी स्किल हैं तो आप को विदेश में आना चाहिए. पर आप स्टूडेंट वीसा पे बैचलर्स करने को आ रहे हो तो मत आओ। पर है अगर आप मास्टर्स करने के लिए आ रहे हो तो ये सही होगा. बस इतनी सी बात है की आप ज्यादा कर्जा (40-50 lakh) ले के कर मत आओ.
हमारी और से सोनल को बहुत शुभ कामना इ की वो अपने टारगेट को अचीव कर पाए और उनकी माता जी के लिए एक घर बना पाए।
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